ऐ
मोहब्बत तो ज़रा, इतना बता
ज़िंदगी
ढूँढ़े तुझे, तू है कहाँ
आँखों
में, साँसों में तू, राहों, पनाहों में तू
रागों
में, धागों में तू, बागों में, ख़्वाबों में तू
ऐ
मोहब्बत तो ज़रा, इतना बता
ज़िंदगी
ढूँढ़े तुझे, तू है कहाँ
सरगम
की तानों में तू, या फिर दीवानों में तू
सोने
के पिज़रों में तू, या फिर उड़ानों में तू
ऐ
मोहब्बत तो ज़रा, इतना बता
ज़िंदगी
ढूँढ़े तुझे, तू है कहाँ
साधू
की संगत में तू, या रब की रंगत में तू
या
मेरी मन्नत में तू, या फिर है ज़न्नत में तू
ऐ
मोहब्बत तो ज़रा, इतना बता
ज़िंदगी
ढूँढ़े तुझे, तू है कहाँ
फूलों
की ख़ुशबू में तू, या तो है जुगनूं में तू
ज़िस्मों
के रंगों में तू, या फिर है मज़नूं में तू
ऐ
मोहब्बत तो ज़रा, इतना बता
ज़िंदगी
ढूँढ़े तुझे, तू है कहाँ
मज़हब
में, या तू रब में, दुःख में है या तू सुख में
धरती
पे या तू नभ में, दिन में है या तू सब में
ऐ
मोहब्बत तो ज़रा, इतना बता
ज़िंदगी
ढूँढ़े तुझे, तू है कहाँ
चाँद
-सितारों में तू, या फिर बहारों में तू
दरिया
की धारों में तू, या फिर किनारों पे तू
ऐ
मोहब्बत तो ज़रा, इतना बता
ज़िंदगी
ढूँढ़े तुझे, तू है कहाँ
मंदिर
में, मस्ज़िद में तू, इश्क़-ए-जुनूं , ज़िद में तू
मज़हब
में, सरहद में तू, या फिर हुकूमत में तू
ऐ
मोहब्बत तो ज़रा, इतना बता
ज़िंदगी
ढूँढ़े तुझे, तू है कहाँ
साहिल,
समन्दर में तू, या फैले अम्बर में तू
नज़रों
के मंज़र में तू, या फिर है बंज़र में तू
ऐ
मोहब्बत तो ज़रा, इतना बता
ज़िंदगी
ढूँढ़े तुझे, तू है कहाँ
हीरे
ओ मोती में तू, या फिर है कण कण में तू
सोने
ओ चाँदी में तू, या फिर है दर्पण में तू
ऐ
मोहब्बत तो ज़रा, इतना बता
ज़िंदगी
ढूँढ़े तुझे, तू है कहाँ
सुन्दर
मकानों में तू, गीता-पुराणों में तू
या
है खजानों में तू, या मुस्कानों में तू
ऐ
मोहब्बत तो ज़रा, इतना बता
ज़िंदगी
ढूँढ़े तुझे, तू है कहाँ
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