Sunday, 14 February 2016


तुम लड़ते रहे हर बार, नहीं  बोले हम कुछ
ये  खेल  नही  है  यार, प्यार  है  ये सचमुच
परवाह करूँ, तेरी राह तकूँ, हरपल हरगिज़
ये  खेल  नहीं  है  यार, प्यार  है  ये सचमुच

दरिया - पर्वत - सागर  और  तारे   नभ  के
हम  सब  के  हैं   ये,  और  हम  हैं  सब  के
हम चलें  नेक  हर राह, दुआ  करना  रब से
प्यार  किया  जब  से, न डरना  तुम जग से
मंज़िल है ज़रा मुश्किल,नहीं जाना तुम रुक
ये  खेल  नहीं  है  यार, प्यार  है  ये  सचमुच

सुबह न शबनम सा ढल जाना, सूरज की किरणों से
चुनना खुद ही  मंज़िल - राहें, रहना न रब के भरोसे
सच  ही  कहा  है कभी किसी ने, बात वही कहनी है
रब  भी मदद करता  है उसकी, जो करता अपनी है
ज़ोश  में  रहना  यार, नहीं  खोना सुध बुध
ये  खेल  नहीं  है  यार, प्यार  है  ये सचमुच

गीत सुनाऊँ प्रीति के तुमको, तुम मुस्कान बिखेरो
सावन की ऋतु में अब तुम भी, कोई तान तो छेड़ो
तितली – भंवरे, पंछी – पौधे, सब हैं बहके – बहके
डूब  के  मस्ती  के  रंगों  में, फूल  भी  देखो  महके
कुछ  तो  बोलो  यार,  नहीं   बैठो   चुपचुप
ये  खेल  नहीं  है  यार, प्यार  है  ये सचमुच

तेरी   दुनिया,  तेरे  सपने,  तेरे  हैं   सब  अपने
मंदिर - मस्ज़िद  तूने बनाए, नहीं  बनाए  रब ने
प्यार की धुन  में  चलता चल, तू  पा जाएगा मंज़िल 
जाति - धरम पे देश ये प्यारा, बाँट  रहे  हैं  बुझदिल
रंग जीवन प्यार से यार, नहीं पैसा सबकुछ
ये  खेल  नहीं  है  यार, प्यार  है  ये सचमुच

आँख मिचौली ना कर मुझसे, जीवन का हिस्सा बन
प्यार की अद्भुत एक कहानी, का तू अब किस्सा बन
छल-बल, धन-बल, चोरी-चुगली, ये मायावी  दुनिया
कोई  नहीं  सम्पूर्ण  यहाँ, सब  में  बुनियादी कमियाँ
तुम खुद ही हो होशियार,नहीं कहना अबकुछ
ये   खेल  नहीं  है  यार,  प्यार  है  ये  सचमुच

मेरे हर एक गीत में बस, तेरी ही रही कहानी
बन जाऊँ मैं राजा तेरा, तू मेरे दिल की रानी
कसमें - वादे तोड़ के तुमने, मुझको है तड़पाया
हमने हर कीमत पर तुझको ही अपनाना चाहा
ना कर नादानी यार, चलो अब हों  एकजुट
ये  खेल  नहीं  है  यार, प्यार  है  ये सचमुच  

नए  दौर  में,  नई  उमंगें,  नई   सोंच  का   मिलना
जीने का हक़ मुझको जितना, तुझको भी है उतना
चलो चले  हम  साथ, करें एक प्रेम ग्रन्थ की रचना
या  रब  हमको  दूर  हमेशा,  बुरे  काम  से  रखना 
जीवन का हिस्सा, है  किस्सा ये सुख-दुःख
ये  खेल  नहीं  है  यार, प्यार  है  ये सचमुच   

धरती पर बिकती चीज़ों को, गौर से तुम भी देखो
प्यार - मोहब्बत हो बिकता, तो कोई मुझको बेंचो
सच  ही  बुजुर्गों  ने ये कहा कि, मीठे बोल बड़े अनमोल
जाँच परख ले दिल से पहले, बाद में अपने तू लब खोल
दुनिया रहे  ख़ुश यार, बनें  हम भी हँसमुख 
ये  खेल  नहीं  है  यार, प्यार  है  ये सचमुच

शक्ल  से  सुन्दर  होना  रब  का,  है  बेदाम  तोहफ़ा
अक्ल से, दिल से सुन्दर होना, मिलता सबको मौक़ा
जीवन  है  एक  झील, जहाँ  पे  ज़िस्म है  तेरी नौका
अक्ल जहाँ  है  नाविक, फिर तुझको किसने है रोका
आ थाम ले मेरा हाँथ, न धड़कन जाए रुक
ये  खेल  नहीं  है  यार, प्यार  है  ये सचमुच

रश्मों  ने  इंसान को  जोड़ा, रश्मों ने  ही तोड़ा
कुछ रश्में सिर माथे रखा, कुछ को हमने छोड़ा
आज भी कुछ जो हैं कमियाँ, बस ज़रा बदल कर देखो
एक बार  ही  हिम्मत कर, तुम तनिक संभल कर देखो
रहे शम्म ये रौशन यार,न जाए कहीं ये बुझ
ये  खेल  नहीं  है  यार, प्यार  है  ये सचमुच

दिल की दुनिया में ज़ज्बातों की अब क़द्र नहीं है
कोई  अपने  साथी की, अब करता फ़िक्र नहीं है
मतलब का व्यापार बना है , प्यार मोहब्बत मानों
रिश्तों का उपहास बना, इस दौर में दुनिया वालों
इस सस्ती भरी बज़ार में, कुछ जाते हैं लुट 
ये  खेल  नहीं  है  यार, प्यार  है  ये सचमुच

तितली -भँवरे गुलशन में, मँड़राते रहते हरदम
दरिया सागर से मिलने की, छेड़ रही है सरगम
धरती का दुःख दर्द समझ, बादल रोता है कितना
पंछी सारस हमराही बिन, करे गंवारा मिटना
ये दुनिया रब की यार, लगे मुझको अदभुत
ये  खेल नहीं  है  यार, प्यार  है  ये सचमुच

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