Sunday, 14 February 2016

दिल कहता, मौसम वेरी नाइस


रिमझिम बारिश
छमछम  बारिश
जब भी दिल छू जाती बारिश
खिल जाती दिल की हर ख्वाईश
दिल कहता, मौसम वेरी नाइस 

हल्की-फुल्की धूप में जब भी कोई इन्द्रधनुष बनता
ख़ुश हो जाता दिल पगला, हर पंछी मन ख़ुश रहता
रग रग में इस मौसम का, दीवानापन भर जाता है
मस्ती के हर रंग ढंग से, आवारापन बढ़  जाता है
पास मेरे इस मौसम में
हो जाती खुशियाँ ट्वाइस 
दिल कहता, मौसम वेरी नाइस

रंग बिरंगे  फूलों की  खुशबुओं से महकीं फिजायें
कोयल की कू कू और मोर की गूँज रही हैं सदायें 
इतने  हसीं  आलम में देखो, नादिया झूम रही है
शोख़ अदाओं वाली तितली, कलियाँ चूम रही है
पास  तितलियों के रहती हैं 
ख़ूब ही हरदम च्वाईस
दिल कहता, मौसम वेरी नाइस

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