मुझे मुकरना नहीं
है आता, करके कोई वादा
राह में आये फिर कितनी भी मुश्किल
कोई बाधा
जीवन भर मानवता का ये, रहे साथ
में उच्च उसूल
कभी किसी का बुरा न सोचूँ, करूँ, न करके कोई भूल
मंज़िल मुझको मिलेगी एक दिन, प्रबल
है मेरी आशा
मेरा हमदम, साथ
मेरे हो, बस
मेरी अभिलाषा
साथ - साथ है रहना मुझको, गीत
मधुरतम सुनना है
भरे नयन हों प्यार से हरदम, अश्क़ नहीं अब भरना है
नहीं बिछुड़ना मुझको जैसे कृष्ण से बिछुड़ी राधा
मुझे मुकरना नहीं
है आता, करके कोई वादा
धरती से बादल से देखो, रिश्ता
है कुछ
है ऐसा
प्यासी होवे जब भी धरती, घुमड़ के
पानी बरसा
नदिया और सागर की
देखो, कैसी प्रेम कहानी
मिलते ही सागर से
दरिया, खोये अपनी रवानी
नहीं बिछुड़ना मुझको जैसे हीर से बिछुड़ा रांझा
मुझे मुकरना नहीं
है आता, करके कोई वादा
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