मंदिर की, मस्ज़िदों की, मुझको ख़बर नहीं
या
रब तेरी मौज़ूदगी,
ज़र्रे तलक में है
धरती पे,
आफ़ताब पे, सागर के आब में
या
रब
तेरी मौज़ूदगी, अहले
फ़लक में है
फूलों की रंग-ओ-बू में, बेजुबां की
गुफ्तगूँ में
या रब तेरी
मौज़ूदगी,
हर एक झलक में है
गुरुओं की सोहबतों में, माँ की मोहब्बतों
में
या
रब तेरी मौज़ूदगी,
बच्चे तलक में है
शम्मा
में, रौशनी में,
सरगम - सितार में
या
रब तेरी मौज़ूदगी,
साज़े चहक में है
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