Sunday, 14 February 2016


रग-रग में माँ, तेरा दूध है
तेरे  खून  की  हर  बूँद है
इन धड़कनों की साज़ में
बस  तेरी  ही  माँ  गूँज है
ज़िंदगी, ये ज़िंदगी, माँ ज़िंदगी तेरी देन है
तूने  ही  सिखाया, घुटनों  पे चलना मेरी माँ
फिर तूने ही सिखाया, पैरों पे उठना मेरी माँ
ज़िंदगी, ये ज़िंदगी, माँ ज़िंदगी तेरी देन है
मैं  मुश्किलों  से  जब  घिरा
आयी जुबां पे बस तू ही माँ
फिर मुस्कुराया जब भी मेरे
अश्क़    पोंछे    तुमने    माँ
ये ख़ुशी, वो ख़ुशी, माँ हर ख़ुशी तेरी देन है
ज़िंदगी,  ये  ज़िंदगी, माँ ज़िंदगी तेरी देन है
रही बेहिसाब, रही बेकिताब, ममता तेरी सदा माँ
डाटा  नहीं, पीटा  नहीं,  तूने  बेवज़ह   कहीं  माँ
तेरी गोद  में  ज़न्नत मिली, मन्नत  मेरी हर,  माँ
तू  जो  नहीं,  तो  कुछ  नहीं, सूना  रहा  घर  माँ    
ये  दोस्ती, ये  ज़ोश भी, माँ  सादगी  तेरी देन  है
ज़िंदगी,   ये   ज़िंदगी,  माँ   ज़िंदगी  तेरी  देन  है 

निश्छल है  प्यार  तेरा, तेरी ममता में माँ ख़ुदा है
इस इश्क़ में, मोहब्बत में, माँ तेरा असर दिखा है
ज़िंदगी,  ये  ज़िंदगी,  माँ   ज़िंदगी   तेरी  देन  है
कहीं ख़्वाब में जब भी डरा, तुझे पास पाया माँ खड़ा
आँखों में जब भी डर भरा, तुझसे लिपटकर रोया माँ
तेरी जादुई वो  थपकियाँ, तेरे प्यार की माँ  झप्पियाँ
आँखों में नींद भरती रहीं, तेरे प्यार  की माँ  लोरियाँ 
ये  नींद  भी, ये  गीत  भी, ये  रीति  माँ  तेरी  देन  है
ज़िंदगी,   ये    ज़िंदगी,   माँ   ज़िंदगी   तेरी   देन  है

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